Diabetes Ke Lakshan Aur Uske Prakar Hindi Me

डायबिटीज को हम मधुमेह/ शुगर के नाम से जानते हैं. दोस्तों क्या आपको पता है, कि दुनिया भर में डायबिटीज के बहुत सारे मरीज है. लेकिन इंडिया में सबसे ज्यादा है.

दोस्तो डायबिटीज दुनिया में इस कदर फैला हुआ है कि इसके लिए जागरूकता फैलाने के खातिर वर्ल्ड डायबिटीज डे 14 नवंबर को मनाया जाता है.

यह बीमारी किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है चाहे वह बच्चा हो जवान हो या बूढ़ा हो. और यह बीमारी सारी उम्र आपके साथ चलेगी.

यह सब आजकल के लाइफस्टाइल और खाने-पीने के तरीकों पर ही डिपेंड करता है. हम कुछ भी खा लेते हैं, बिना यह सोचे समझे कि इसका हमारे शरीर पर क्या असर होगा.

और लोगों में डायबिटीज को पहचानने की सही समझ ना होने के कारण यह बढ़ता ही रहता है.

अगर आपको डायबिटीज के बारे में शुरुआत में ही पता चल जाए तो आप इससे अपने आप को बचा पाएंगे.

तो आइए जानते हैं कि डायबिटीज कैसे होता है और Diabetes k lakshan क्या है .

 

How diabetes occurs ( डायबिटीज कैसे होता है )

 

दोस्तों हमारे शरीर में पाचन तंत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है, इसी से ही हमारे शरीर  को एनर्जी मिलती है.

और कुछ गड़बड़ हो जाए तो बीमारी भी होती है, इसीलिए हमें अपने खाने पर खास ध्यान रखना चाहिए.

हमारी पाचन तंत्र में अमाशय होता है, जहां से हमारे खाए हुए भोजन में पित्त रस मिलता है, जिसे हम आमतौर पर इंसुलिन के नाम से जानते हैं.

खाने में इंसुलिन की मात्रा के कम होने से ही हमें डायबिटीज होती है, अगर इंसुलिन की मात्रा कम होगी तो हमारा खाया हुआ खाना बराबर पच नहीं पाएगा और हमारे शरीर को बराबर मात्रा में ऊर्जा नहीं मिल पाएगा.

इंसुलिन हमारे शरीर में ग्लूकोस एनर्जी शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है, और अगर शुगर की मात्रा बढ़ जाए तो हमें डायबिटीज हो जाता है. इस रोग में हमारे ब्लड का प्रेशर हाई हो जाता है जिससे हमें और भी दूसरी बीमारी हो सकती है.

डायबिटीज के कारण हमारे किडनी पर भी असर पड़ता है और हमें हार्टअटैक भी आ सकता है.

 

Symptoms of diabetes ( Diabetes ke lakshan)

बार-बार  टॉयलेट लगना

 

अगर आपको बार बार टॉयलेट लग रही है, जिसे आप कंट्रोल नहीं कर सकते, ऐसा शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाने के कारण होता है. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है, तो आपको डायबिटीज हो सकता है. आप तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में जांच करा लें.

 

बार-बार प्यास लगना

 

भरपूर मात्रा में पानी पीने के बावजूद भी अगर आपको बार-बार प्यास लग रही है,  क्योंकि शुगर बढ़ जाने के कारण आप बार-बार बाथरूम में जा रहे हैं. जिसके परिणाम स्वरूप आपको बार बार  प्यास लग रही है. तो संभावना है, कि आप डायबिटीज के शिकार बन चुके हैं शीघ्र ही अपनी जांच कराएं.

 

घाव जल्दी से ठीक ना होना

अगर आपको कोई चोट लग जाती है, और वह घाव आसानी से ठीक नहीं हो रहा है, पक रहा है, सड रहा है. यह रोग प्रतिरोधक शक्ति कम होने के कारण होता है जिसका कारण डायबिटीज है, तो आपको एक बार जरूर डायबिटीज की जांच करा लेनी चाहिए.

 

जल्दी थकावट महसूस होना

 

अगर आप छोटे से छोटा काम करते फिर भी थक जाते हैं, छोटी सीढ़ी चढ़ने में थक जाते हैं. या फिर आप बैठे बैठे ही थक जाते हैं, क्योंकि डायबिटीज के कारण हमारे शरीर में भोजन का पाचन  सही से नहीं हो पाता और हमारे शरीर में एनर्जी की कमी हो जाती है. आपको तुरंत जांच करानी चाहिए.

 

देखने में तकलीफ महसूस होना

 

 

अगर यूं ही अचानक से आपको देखने में दिक्कत होने लगे पास की दूर की सारी चीजें धुंधली नजर आने लगे. तो हो सकता है, कि यह डायबिटीज के लक्षणों में से एक है, और आप को इसकी जांच  करा लेनी चाहिए.

शरीर का वजन घटना

 

अगर अचानक ही आपके शरीर का वजन तेजी से घटने लगे, जोकि डायबिटीज के लक्षणों में से एक है, ऐसे वक्त आपको नजदीकी अस्पताल से जांच करा लेनी चाहिए.

 

हाथ और पैरों में झुंझुनी महसूस होना और शरीर में दर्द होना

 

डायबिटीज हमारे शरीर के नर्वस सिस्टम परअसर करता है, जिसे डायबिटिक पेरीफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है. इसमें सबसे पहले हाथ और पैरों के नर्वस सिस्टम असर होता है जिसके कारण हम बैठे बैठे बिना कोई काम किए यूं ही पैरों और हाथों में झुनझुनी महसूस  करते हैं. बिना काम किए अगर आपका पूरा शरीर दर्द दे रहा है, तो हो सकता है, यह डायबिटीज का ही लक्षण है. ऐसे में आप अपनी जांच कराएं.

Also Read: Maleria Ke Lakshan Hindi Me

Types of Diabetes  ( डायबिटीज के प्रकार )

 

टाइप-1

इसमें डायबिटीज के लक्षणों की वृद्धि बहुत तेजी से होती है, जैसे अचानक से ही वजन का कम हो जाना, बहुत ज्यादा पेशाब लगना, देखने में परेशानी होना.

 

टाइप-2

इस प्रकार में Diabetes k lakshan बहुत ही धीरे-धीरे दिखाई पड़ते हैं. इस टाइप  के पेशेंट के शरीर में इंसुलिन बनता है पर शरीर सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता. और धीरे-धीरे समय के साथ अग्नाशय इंसुलिन बनाने की क्षमता खो देता है.

 

गर्भावर्दी डायबिटीज (Gestational Diebetes)

यह सिर्फ गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में देखा जाता है. क्योंकि, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाने के कारण होता है. महिलाओं में टाइप-2 का डायबिटीज होने का भी खतरा रहता है,  ऐसा होने के 2 से 10 परसेंट चांस होते हैं.

 

सुझाव

  1. कुछ भी खाने से पहले एक बार जरूर सोचें.
  2. डायबिटीज कंट्रोल किया जा सकता है दवाइयों के साथ इसीलिए आप ज्यादा टेंशन ना लें.
  3. ऊपर बताए हुए Diabetes k lakshan में से अगर आपको कोई भी दिखता है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
  4. डायबिटीज के लिए  ब्लड टेस्ट टेस्ट हमेशा करवाते रहें,  ताकि आप उसे कंट्रोल में रख सके.

Leave a Comment

Your email address will not be published.